30 मार्च 2015 - 17:40
सऊदी अरब और यमन की सेनाओं के बीच लड़ाई जारी।

इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर एबादी ने राजनीतिक और सुरक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों और प्रतिनिधियों से मुलाकात में आतंकवादी गिरोह आईएसआईएल के साथ जंग में इराकी जनता की भूमिका की ओर इशारा करते हुए इस सम्बंध में प्राप्त होने वाली उपलब्धियों को जनता के त्याग नतीजा बताया और कहा कि जैसा कि पहले भी कहा गया इराक़ को विदेशी सेना की कोई जरूरत नहीं है

अबनाः रिपोर्ट के अनुसार यमन के उत्तरी प्रांत सादह के पश्चिमी क्षेत्र में तीन मोर्चों पर अंसारुल्लाह आंदोलन और सऊदी सैनिकों के बीच लड़ाईयां जारी हैं। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अंसारुल्लाह आंदोलन के क्रांतिकारी जवानों ने अलज़ाहिर, शेदाअ और राज़ेह क्षेत्रों से सऊदी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों से हमले किए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार सादह के एक स्थानीय अधिकारी ने कहा है कि लड़ाई उस समय शुरू हो गई जब सऊदी अरब और उसके सहयोगियों ने यमन में अंसारुल्लाह आंदोलन और सार्वजनिक समितियों के ठिकानों पर आक्रमण शुरू कर दिया। दूसरी तरफ से यमन की सीमा से सटे सबयाअ प्रांत में शिक्षा विभाग ने घोषणा की है कि इस सीमा क्षेत्र में दस स्कूल एक सप्ताह तक बंद रहेंगे इस रिपोर्ट के अनुसार यमनी सेना की एंटी एयर क्राफ़्ट यूनिटों ने सऊदी अरब के एक और युद्धक विमान को मार गिराया है। सऊदी अरब का विमान मारिब प्रांत के हौरह क्षेत्र में मार गिराया गया है। प्राप्त सूचना के अनुसार अंसारुल्लाह आंदोलन के जवानों ने मारिब राज्य पर अलक़ायदा से जुड़े तकफीरिय आतंकवादियों का हमला नाकाम बना दिया है। अंसारुल्लाह आंदोलन और सार्वजनिक कमेटियों के बलों ने सऊदी अरब और उसके सहयोगियों के हवाई हमले के जवाब में अलकायदा के तकफीरी आतंकवादियों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उधर समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्लाह सालेह के वफादार सैनिकों ने अबीन शहर के पूर्वी क्षेत्र से अदन पर हमले शुरू कर दिये हैं। इन रिपोर्टों के अनुसार अब्दुल्लाह सालेह की सेना अदन से तीस किलोमीटर की दूरी पर है। ग़ौरलतब है कि सऊदी अरब और उसके पिट्ठुओं के हमलों में यमन के मुख्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है। जबकि आले सऊद की आक्रामकता में यमन के दर्जनों निर्दोष नागरिक शहीद और सैकड़ों घायल हुए हैं शहीद होने वालों की ज्यादातर संख्या महिलाओं और बच्चों की है। आले सऊद की आक्रामकता में यमन में व्यापक तबाही फैल रही है। उधर अंतर-राष्ट्रीय संस्थानों ने यमन में आक्रामकता करने वाले देशों से कहा है कि आम नागरिकों को निशाना बनाने से परहेज करें। यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आले सऊद के बर्बर आक्रमण में घायल होने वालों की चिकित्सा के लिए 185 एम्बूलेंस को ज़िम्मेदारियां सौंप रखी है। इस बीच सूचना के अनुसार यमन की राजनीतिक पार्टियों ने अपने देश में आले सऊद की आक्रामकता की भरपूर निंदा की है। इराक के क़बीलों ने भी यमन में सऊदी अरब और उसके सहयोगियों के हमलों की निंदा करते हुए अपने यमनी भाइयों की मदद करने पर आमादगी की घोषणा की है। अलतहरीर और अलबनाअ कबीलों के सरदार मोहम्मद अलदालनबोस ने बसरा के कुछ कबीलों के प्रमुखों के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि वह और उनके साथी आदिवासी अंसारुल्लाह आंदोलन की मदद करने के लिए तैयार हैं। उधर अंसारुल्लाह आंदोलन के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि यमन के संकट को हल करने के लिए बातचीत के दरवाजे खुले हैं। मोहम्मद अलबखीती ने कहा कि यमन में अन्य देशों के हस्तक्षेप को ख़त्म किया जाना चाहिए क्योंकि यमन आज बहुत सी विभिन्न समस्याओं में गिरफ्तार है और राजनीतिक समाधान के अभाव और हस्तक्षेप के कारण यह संकट जारी है।